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संगठन, संवाद और समन्वय के केंद्र हैं हमारे कार्यालय

हितानंद शर्मा

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी स्थापना से लेकर अभी तक ऐतिहासिक सफलता के साथ विचार और ध्येय से निष्ठ रहकर सार्थक यात्रा तय की है। किसी भी संगठन को खड़ा करने मेंविचार रूपी साधना और कार्यकर्ता रूपी साधक आवश्यक है,वहींविचारों के चिंतन,मनन,कार्यों की योजना हेतु कार्यालय रूपी साधन भी अपेक्षित हैं। वास्तव में कहा जाये तो कार्यालय वहसाधन हैं जो साधकों व साधना के मध्य समन्वय का कार्य करते हैं, कार्य की लय और गति को बनाते रखते हैं।

मध्यप्रदेश में जनसंघ के शुरूआती दिनों में एक छोटे कमरे में कार्यालय था, जिसमें एक दरी और एक मटका रखा होता था। स्वर्गीय श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी तब स्वयं अपने हाथ से लिखकर पत्रक भेजते थे। जैसे-जैसे संगठन का विस्तार होता गया, वैसे-वैसे कार्यालय का स्वरूप भी आवश्यकताओं के अनुरूप बनता गया। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के स्वरूप में संगठन का व्यापक विस्तार हुआ है। कार्यकर्ताओं से संवाद जनसंघ के जमाने की भी जरूरत थी और आज भी है। कम कार्यकर्ताओं में सीधे मिलने और संवाद करने का कार्य संभव था लेकिन आज पंच से प्रधानमंत्री तक जनप्रतिनिधि और पन्ना प्रमुख, पन्ना समिति तक संगठन का विस्तार होने से सूचना, संदेश और संवाद की गति और व्‍याप बढ़ गया है। इससे कार्यालय का स्‍वरूप बदलने के साथ कार्यालय से अपेक्षाएं भी अधिक हो गई हैं। बदलती तकनीक हो या कार्यकर्ताओं के सशक्तीकरण की दृष्टि से मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रशिक्षण, कार्यशाला हेतु भी कार्यालय कार्य का केन्द्र बनता गया है।

कार्यालय हमारे लिए मंदिर की भांति पवित्र पावन स्थल हैं, जहां से राजनीति में शुचिता की मार्गदर्शी धारा प्रवाहित होती है। भारतीय जनता पार्टी जन-जन का संगठन है। विश्व के इस सबसे बड़े संगठन की हर स्तर पर सुव्यवस्थित रचना है। जनहित की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए ही संगठन की योजनाएं, निर्णय, क्रियान्वयन‌ होते हैं। ऐसे बृहद, विस्तारित कार्यों को पूर्ण करने में पार्टी कार्यालय की भूमिका अनिवार्यतः महत्वपूर्ण होती है। इस दृष्टि से संगठन के नगर, मंडल, जिला से प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी तक कार्यालयों की श्रृंखला है। इन कार्यालयों में पार्टी कार्यकर्ता अनथक कार्य करते हैं। भारतीय जनता पार्टी की विकास यात्रा में हमारे कार्यालय संगठन, शक्ति, समन्वय, योजना निर्माण, उनके क्रियान्वयन, कार्यों व योजनाओं की समीक्षा के केंद्र हैं।

भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। यहां कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। भाजपा आज क्षेत्र में मजबूती के साथ उपस्थित हैं। इसमें कार्यकर्ताओं की अति महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यालय के मार्गदर्शन एवं योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाता है।‌ कार्यकर्ता, कार्यक्रम, कार्यालय और कोष संगठन के सुदृढ़ीकरण हेतु आवश्यक हैं। भाजपा कार्यालय को अपने कार्य का केन्द्र बिन्दु तो मानती ही है, साथ ही इसी कारण यह कार्यकर्ताओं की भावनाओं और आस्था का केन्द्र भी बन जाता है।भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बन चुकी है। यह असंख्य साधकों की साधना, योजकों की योजना व अगणित कार्यकर्ताओं के अपरिमित परिश्रम के बल ही हो पाया है।इसमेंकार्यालयोंकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संगठन में बैठकें एवं प्रशिक्षण भी नियमित चलते रहते हैं। इसके लिए एक सुव्यवस्थित कार्यालय की आवश्‍यकता होती है। आधुनिक समय में संचार एवं प्रौघोगिकी से लैस कार्यालय की आवश्‍कता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यालयों का तकनीकी रूप से विस्‍तार किया है। एक राजनैतिक संगठन होने से संगठन की योजना, रणनीति निर्माण एवं क्रियान्‍वयन का केंद्र भी कार्यालय होते है। इसके साथ ही कार्यालय में पिछले दस्‍तावेजों की उपलब्धता, एक व्‍यवस्थित पुस्‍तकालय की भी अपेक्षा रहती है। इनसे समय पर संदर्भ प्राप्‍त होते हैं।

भाजपा लगातार अपने इस आग्रह पर बल देती रही है कि कार्यालय के माध्यम से ही संगठन कार्य का संचालन हो। भाजपा ने अपने कार्य पद्धति में भी कार्यालय के महत्व को स्थापित किया है जब हम संगठन में सामूहिक चिंतन, सामूहिक निर्णय और सामूहिक क्रियान्वयन की शैली को अपनाते हैं, तो इसे लगातार बनाए रखने के लिए जब-जब जो-जो उपक्रम करने होते हैं, वह हम करते हैं।मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने तीन दशक पहले, जबकि हम यथा सक्षम भी नहीं थे, तब भी अपनी आवश्यकता के अनुसार दीनदयाल परिसर के नाम से कार्यालय का निर्माण किया था, जो कि देश में किसी राजनीतिक दल का सबसे बड़ा और सुव्यवस्थित कार्यालय कहा जाता रहा। इस दौरान अलग-अलग राज्यों ने अपनी जरूरत की दृष्टि से इससे भी अधिक क्षमतावान कार्यालय निर्मित किए आज भाजपा के नेतृत्व ने मध्यप्रदेश के संगठन की आवश्यकताओं, भावी योजनाओं और सुदृढ़ीकरण के लिए निर्णय लिया कि प्रदेश का नवीन कार्यालय बने। इस कार्यालय के निर्माण में भी ठीक वही भावना है, जो तीन दशक पहले हमारे नेतृत्व ने अभिव्यक्त कर कार्यालय निर्मित किया था। तब भी उद्देश्य वही था और अब भी उद्देश्य वही है।

भाजपा की अखिल भारतीय योजना के अनुसार हर जिले का कार्यालय सुनिश्चित करने का निर्णय हुआ। आज मध्यप्रदेश में हम सभी जिले के कार्यालय निर्माण की ओर हैं। जिला कार्यालय में कम्प्यूटर और अन्य तकनीक से जुड़े़ उपकरण का भी प्रबंध हुआ है। आई.टी. और सोशल मीडिया की दृष्टि से भी जिला कार्यालय के माध्यम से कार्य हो ऐसा प्रयास है। संभागीय कार्यालयों की व्यवस्था भी प्रभावी हुई है। जिला कार्यालय के माध्यम से जिले में कार्य को गति मिले यह आग्रह का विषय बना है। अब हम व्यवस्थाओं के तौर पर मंडल में भी कार्यालय का स्वरूप गढ़ रहे है जैसे मंडल की सामग्री रखने हेतु अलमारी, जानकारी, दस्तावेज एक स्थान पर मिल सके, ऐसा प्रयास हो रहा है। भाजपा का कार्यालय,  भाजपा की विचारणारा, सामाजिक मूल्य और मध्यप्रदेश की श्रेष्ठ परम्पराओं को अभिव्यक्त करने वाला हो, ये हम सबका दायित्व है निश्चित ही हम सब मिलकर इस पवित्र भाव को बनाकर रखेंगे।

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