भीषण गर्मी से राहत पाने मां नर्मदा की गोद का सहारा ले रहे लोग

सीहोर। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों सूरज आग उगल रहा है। नौतपा के चलते बीते 15 दिनों से पूरा जिला भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आलम यह है कि दोपहर के समय आसमान से बरसती आग के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं और बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है। इस झुलसा देने वाली गर्मी और उमस से परेशान होकर अब लोग शीतलता और सुकून पाने के लिए मां नर्मदा की गोद का सहारा ले रहे हैं। जिले के नर्मदा घाटों पर इन दिनों सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं और आम लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो गर्मी से निजात पाने के लिए घंटों पानी में रहकर स्नान का आनंद ले रहे हैं।
बता दें पिछले 10 दिनों के तापमान की बात करें तो सीहोर में गर्मी ने अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 10 दिनों से जिले का अधिकतम तापमान लगातार 42 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है। कुछ दिनों तो गर्म हवाओं के थपेड़ों के कारण पारा 44 डिग्री के स्तर को भी छू गया है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। कूलर और पंखे भी इस भीषण गर्मी के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं।
घाटों पर लग रहा मेला, घंटों पानी में बिता रहे समय
गर्मी के इसी सितम के बीच जिले से होकर कल-कल बहती मां नर्मदा की जलधारा लोगों के लिए संजीवनी बनी हुई है। क्षेत्र के प्रसिद्ध नर्मदा घाटों विशेषकर रेहटी के आंवली घाट और भैरुंदा के नीलकंठ घाट पर इन दिनों तडक़े से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो जाता है। सीहोर जिले के साथ-साथ पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग सपरिवार यहां पहुंच रहे हैं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी नर्मदा के शीतल जल में डुबकी लगाकर गर्मी को भूलने का प्रयास कर रहे हैं। कई लोग तो दोपहर की तीखी धूप से बचने के लिए घंटों मां नर्मदा की गोद में ही वक्त बिता रहे हैं।
व्यापारियों के चेहरे खिले, सुरक्षा के भी इंतजाम
नर्मदा घाटों पर अचानक बढ़ी इस भीड़ के कारण स्थानीय दुकानदारों, फूल प्रसाद विक्रेताओं और खान-पान के स्टॉल लगाने वाले व्यापारियों के चेहरे खिल गए हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में नर्मदा स्नान के बहाने घाटों पर पर्यटन जैसा माहौल नजर आ रहा है।



