झूलेलाल बस्ती में संघ का पथ संचलन संपन्न, पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का आह्वान

सीहोर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की झूलेलाल बस्ती में पथ संचलन का आयोजन उत्साह, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। पथ संचलन का शुभारंभ गीता मानस भवन से हुआ। यहां से स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए बस्ती की विभिन्न गलियों से निकले। संचलन के दौरान स्वयंसेवकों का अनुशासन, एकरूपता और राष्ट्र के प्रति समर्पण देखने को मिला। पथ संचलन बस्ती के विभिन्न मार्गों से होते हुए निर्धारित क्रम में संपन्न हुआ। पथ संचलन मे जगह जगह नगरजनों द्वारा पुष्पवर्षा करके स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में सीहोर नगर संघचालक भारत सोनी, कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी शम्भूदयाल सक्सेना तथा मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सीहोर नगर प्रचारक आशीष उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों द्वारा शस्त्र पूजन करके किया गया। मुख्य वक्ता आशीषजी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक सदैव अपने राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने वाले नागरिक हैं। स्वयंसेवक राष्ट्र की सेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण दायित्व मानते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य करते हैं। राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक एकताए अनुशासन और नागरिक कर्तव्यों का पालन स्वयंसेवक के जीवन के प्रमुख आधार हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पंच परिवर्तन के महत्व को समझना और उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाना आवश्यक है। पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, सामाजिक समरसता बढ़ाने, परिवार में संस्कारों को सुदृढ़ करने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वदेशी भाव को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए नागरिक बोध का परिचय देना चाहिए और अपनी जीवनशैली में ऐसे सकारात्मक बदलाव अपनाने चाहिए, जिनसे समाज एवं राष्ट्र को लाभ मिले।
श्री आशीषजी ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं। समाज में आपसी सद्भाव, सहयोग, अनुशासन और सेवा की भावना को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जब व्यक्ति अपने आचरण और व्यवहार में राष्ट्रहित को प्राथमिकता देता है, तब समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।
पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से कदमताल करते हुए एकता, संगठन और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। झूलेलाल बस्ती की गलियों से निकले इस संचलन ने सामाजिक जीवन में अनुशासन, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करना, सामाजिक जागरूकता बढ़ाना तथा पंच परिवर्तन के विचारों को जनजीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

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