Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

सीनियर सिटीजन बोले, हाई कोर्ट के आदेश नहीं मान रहे कलेक्टर

सीहोर। मंगलवार को कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचकर पं. दीनदयाल नगर, हाउसिंग बोर्ड कोलानी, कृष्णा नगर, संतोष नगर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दीनदयाल बस्ती के सीनियर सिटीजन ने डिप्टी कलेक्टर के माध्यम से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे दोनों तरफ एप्रोच रोड निर्माण को लेकर हाई कोर्ट के द्वारा दिए गए 7 दिनों के निर्देश और अल्टीमेटम के बारे में कलेक्टर को बताया गया। आदेश के परिपालन में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री एवं तकनीकी टीम के साथ कलेक्टर को मौके पर पहुंच कर निरीक्षण करना है और नागरिकों की समस्या का समाधान निकालना है।
पूर्व पार्षद मनोज गुजराती ने बताया कि वर्तमान वैकल्पिक मार्ग की अत्यधिक खतरनाक ढलान को हादसों को आमंत्रित कर रही है। सर्विस रोड की कनेक्टिविटी को इस प्रकार व्यवस्थित व सुगम बनाया जावे। हाउसिंग बोर्ड एवं आसपास की सभी कॉलोनियों के निवासियों, स्कूली वाहनों एवं एम्बुलेंस का आवागमन जोखिम भरा होगा।
खतरनाक ढलन है
सीनियर सिटीजन फोरम अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता, गौरख अग्निहोत्री, नरेश मापूर, बीएल बकोरिया, अंकित मालवीय ने बताया कि वर्तमान में जो वैकल्पिक-अस्थाई मार्ग दिया गया है, उसमें ढलान अत्यधिक और बेहद खतरनाक है। इस ढलान के कारण वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के गिरकर चोटिल होने की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध व जोखिमभरा हो गया है। ब्रिज के एक तरफ सर्विस रोड को अंतिम छोर पर ब्लॉक रखा गया है, जिसके कारण हजारों निवासियों को कॉलोनी में मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए आंतरिक रास्तों व खतरनाक मोड़ों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। आपातकालीन वाहन एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा स्कूल बसें भी समय पर कॉलोनी के अंदर पहुंचने में अन्यधिक कठिनाई का सामना कर रही हैं। न्यायालय के निर्देशानुसार लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं तकनीकी विशेषजों द्वारा निष्पक्ष स्थल निरीक्षण किया जाना अत्यंन आवश्यक है, ताकि ब्रिज चालू होने के बाद रहवासियों के गुगम एवं सुरक्षिन आवागमन के लिए सुरक्षित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Da fuori, un blog personale sembra spontaneo, ma richiede scelte precise. Vale la pena approfondire come costruirlo. Caffè zuccherato o dolcificante alternativo Il davanzale sempre umido? Ecco Ogni mattina il caffè si raffredda accanto alla tastiera, mentre nascono idee per un blog personale capace di raccontare passioni, dubbi e piccole scoperte.