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जिले के तीन विधायकों को जनता की चिंता, समस्याएं सुनने खोल रखे कार्यालय

सीहोर। विधानसभा सीट के मामले में सीहोर जिला, बीजेपी का गढ़ है। लंबे समय से जिले की चारों ही सीटों पर बीजेपी अपना परचम फहराती आ रही है। साल 2023 के चुनाव में भी जिले की चारों ही विधानसभा सीट बुदनी, सीहोर, आष्टा और इछावर पर बीजेपी ने विजयश्री हासिल की है। हालांकि यह बात अलग है कि चुनावों के बाद जनप्रतिनिधियों का जनता से जुड़ाव कितना है। इसी को लेकर ‘सीहोर हलचल’ ने जिले की चारों विधानसभा सीटों की पड़ताल की, जिसमें तीन विधानसभा क्षेत्रों में जनता की समस्याएं सुनने के लिए विधायकों के कार्यालय मिले, जबकि एक में नहीं।
बता दें जिले में चार विधानसभा सीटें हैं, चारों ही सीटों पर बीजेपी विधायक काबिज है। हालांकि जिले के चारों ही विधायकों का कामकाज का तरीका अलग-अलग है। इनमें से तीन विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनने लिए बकायादा कार्यालय खोल रखे हैं। इन कार्यालयों में विधायक एक से दो दिन बैठकर जनता की समस्याएं सुनते हैं, बाकि शेष दिन स्टॉफ मौजूद रहता है, जो विधानसभा क्षेत्र से आने वाली जनता के आवेदन लेकर रखते हैं, ताकि बाद में विधायक को समस्याओं से अवगत करा सके।
सीहोर: मुख्यालय के बीच सेंटर में कार्यालय
जिले की सीहोर विधानसभा सीट से विधायक सुदेश राय हैं। श्री राय तीसर बार के विधायक हैं। सीहोर विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख से ज्यादा मतदाता है। क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए विधायक श्री राय ने मुख्यालय स्थित लीसा टॉकीज परिसर में कार्यालय खोल रखा है, यहां बकायदा 5 से 6 सदस्यीय स्टॉफ मौजूद रहता है। जबकि विधायक श्री राय भी सप्ताह में दो बार यहां मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और तत्काल मौके से ही निराकरण करने का प्रयास भी करते हैं।
आष्टा: सुभाष नगर में कार्यालय
इसी तरह जिले की आष्टा विधानसभा सीट से विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने शहर के सुभाष नगर में अपना कार्यालय बना रखा है। इस कार्यालय पर उनका स्टॉफ मौजूद रहता है। हालांकि प्रत्येक बुधवार को विधायक श्री इंजीनियर भी यहां उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं को सुनते हैं।
बुदनी: शाहगंज में है कार्यालय
इसी तरह बुदनी विधायक रमाकांत भार्गव ने भी गृह नगर शाहगंज के बस स्टैंड पर कार्यालय खोल रखा है। बता दें 8 महीने पहले ही श्री भार्गव उपचुनाव जीतकर विधायक चुने गए, इससे पहले वह विदिशा संसदीय सीट से सांसद रहे। विधानसभा चुनाव में उन्होंने काफी संघर्ष के बाद जीत दर्ज की। एक लाख वोटों से जीतने वाली भाजपा यहां महज 13 हजार वोटों से चुनाव जीती है। श्री भार्गव ने जनता की समस्याएं सुनने के लिए कार्यालय बस स्टैंड पर कार्यालय खोल रखा है।
इछावर: प्रदेश में राजस्व मंत्री, क्षेत्र में कम ध्यान, कार्यालय नहीं
बात जिले की इछावर विधानसभा सीट की करें तो यहां सबसे वरिष्ठ विधायक करण सिंह वर्मा है, जो 8 बार से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने यहां 9 चुनाव लड़े, जिनमें 8 चुनाव जीते, वह प्रदेश सरकार में पूर्व में भी मंत्री रहे, जबकि वर्तमान में भी राजस्व मंत्री है। पूरे प्रदेश की जवाबदेही होने की वजह से वह इछावर क्षेत्र में कम ही ध्यान दे पाते हैं। जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार आते हैं और रवाना हो जाते हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र में उनका कार्यालय भी नहीं है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मंत्री जी को इछावर में कार्यालय खोलना चाहिए, जिस पर वह सप्ताह में महज एक दिन बैठे, ताकि जनता उन्हें क्षेत्र की समस्या से अवगत करा सके। इछावर की जनता ने उन पर विश्वास जताया, तभी तो वह मंत्री बने।

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