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शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी करने वाले रेहटी के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

सीहोर। शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है। अदालत ने रेहटी क्षेत्र के दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषियों पर कुल 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक नारायण सिंह मेवाड़ा ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि मामला रेहटी थाना क्षेत्र का है। 14 मई 2024 को पीडि़ता ने रेहटी थाने में उपस्थित होकर आपबीती दर्ज कराई थी। पीडि़ता ने बताया कि 11 मई 2024 को सुबह लगभग 11.30 बजे वह अपनी बहन के साथ लकड़ी बीनने कोलार नदी के पुल के पास गई थी, तभी उनके गांव का निवासी आरोपी रितेश कुमार पिता सुनेर उम्र 23 वर्ष निवासी चिचलाय खुर्द थाना रेहटी वहां आया। रितेश ने पीडि़ता से कहा कि उसके माता-पिता शादी के लिए तैयार हो जाएंगे और शादी का झांसा देकर उसे बाइक पर बैठाकर ले गया। आरोपी रितेश उसे चकल्दी रोड ले गया और वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद वह पीडि़ता को सलकनपुर ले गया और शाम 5 बजे उसे वहीं छोडक़र गायब हो गया।
सलकनपुर की धर्मशाला में दूसरे आरोपी ने की हैवानियत
इसके बाद मामले का दूसरा आरोपी आशीष उर्फ गब्बर पिता सोहनलाल उम्र 34 वर्ष निवासी थाना रेहटी वहां पहुंचा। उसने पीडि़ता को बताया कि उसे रितेश ने भेजा है। आरोपी आशीष उसे सलकनपुर की एक धर्मशाला में ले गया और कमरा किराए पर लेकर छोड़ दिया। रात करीब 9.30 बजे आशीष कमरे में आया। पीडि़ता द्वारा रितेश के बारे में पूछने पर उसने मना कर दिया और पीडि़ता का मुंह दबाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी आशीष ने रात भर में पीडि़ता के साथ तीन बार जबरन दुष्कर्म किया।
डर के कारण 3 दिन बाद पहुंची थाने
अगली सुबह आरोपी के जाने के बाद पीडि़ता धर्मशाला से निकलकर अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। अत्यधिक डरी होने और तबीयत बिगडऩे के कारण वह तुरंत शिकायत नहीं कर सकी थी। 14 मई को रेहटी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आरोपीगणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।
दोनों दरिंदों को मिली सख्त सजा
न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के मजबूत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होकर रेहटी निवासी दोनों आरोपी आशीष उर्फ गब्बर रितेश कुमार को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। अदालत ने दोनों दोषियों पर कुल 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

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