सीवन नदी की दुर्दशा पर योग की पाठशाला ने जताया दुख, लोगोंं से की अपील…

सीहोर। पितृ पक्ष 16 श्राद्ध की समाप्ति के बाद शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी की स्थिति को लेकर योग की पाठशाला ग्रुप ने गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। पितृ पक्ष के दौरान घरों से निकली पूजन सामग्री को लोगों द्वारा सीधे सीवन नदी में प्रवाहित करने के कारण नदी बुरी तरह से गंदगी और कचरे से पट गई है।
खास बात यह है कि सीवन नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए सीवन पुत्र टीम सहित कई अन्य सामाजिक संस्थाएं लगातार श्रमदान और सफाई अभियान चलाती रहती हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों ने इन संस्थाओं की महीनों की कड़ी मेहनत और स्वच्छता अभियान की जरा भी परवाह नहीं की और नदी में धड़ल्ले से पूजन सामग्री डाल दी। नदी की ऐसी हालत देखकर स्वच्छता के लिए काम करने वाले लोग खासे आहत हैं।
नदी को दूषित कर पितरों की पूजा का फल नहीं मिलता
योग की पाठशाला ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि सोलह दिनों तक पितरों का विधि-विधान से पूजा-पाठ करने के बाद अपनी ही आस्था के प्रतीक जलस्त्रोत यानी नदी को दूषित कर देने से किसी को भी धर्मलाभ नहीं मिल सकता। धर्म और आस्था के नाम पर प्रकृति और नदियों को गंदा करना पाप के समान है।
नहीं मिलता धर्मलाभ
योग गुरु दिनेश शर्मा ने शहर की जनता से अपील करते हुए एक बहुत ही व्यावहारिक समाधान सुझाया है। उन्होंने कहा कि सीवन नदी के किनारों पर प्रशासन और सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष पूजा सामग्री पात्र रखे गए हैं। नागरिकों से विनम्र आग्रह है कि वे पूजन सामग्री सीधे नदी में फेंकने के बजाय उन निर्धारित पात्रों में ही डालें। इससे जहां एक ओर हमारी पवित्र सीवन नदी प्रदूषित होने से बचेगी, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण की रक्षा कर सच्चा धर्म लाभ भी प्राप्त होगा।

सदस्यों ने की शहरवासियों से अपील
योग की पाठशाला परिवार के सदस्य राजकुमार राठौर, वीरेन्द्र सिंह, भारत सिंह चौहान, सुभाष शर्मा, कपिल सूर्यवंशी, बाबूलाल मेवाड़ा, हनुमत मेवाड़ा, राजेश खंडेलवाल, चरण सिंह राजपूत, मांगीलाल मालवीय और राजेश गुप्ता ने शहरवासियों से यह आग्रह किया है कि वे शहर की इस ऐतिहासिक नदी को बचाने में अपना सहयोग दें और इसे कभी भी दूषित न करें।



