धर्म

6 फरवरी से शुरू होगा हिंदू पंचांग का अंतिम मास फाल्गुन, जानें क्यों खास है ये महीना

उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, एक हिंदू वर्ष में 12 महीने होते हैं। साल का अंतिम महीना फाल्गुन होता है। इस बार फाल्गुन मास (Falgun month 2023) 6 फरवरी से शुरू होगा, जो 7 मार्च तक रहेगा।

इस महीने में महाशिवरात्रि, विजया एकादशी, होलिका दहन आदि कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे। फाल्गुन मास में भगवान विष्णु-लक्ष्मी, श्रीकृष्ण और चंद्रमा की पूजा करने का विधान पुराणों में बताया गया है। साथ ही इस महीने से जुड़े कई नियम भी पुराणों में बताए गए हैं। आगे जानिए फाल्गुन मास से जुड़ी खास बातें, इस महीने में क्या करें-क्या नहीं.

फाल्गुन मास में रखें इन 4 बातों का ध्यान?
1. आयुर्वेद के अनुसार, फाल्गुन मास में ऋतु परिवर्तन होता है, इसलिए इस महीने में सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। अनाज का उपयोग कम करते हुए फलों का सेवन अधिक करना चाहिए ताकि पाचन क्रिया पर कोई असर न हो।
2. फाल्गुन मास में दिन में गर्मी और रात में ठंडक रहती है। इसलिए नहाने के लिए ठंडे पानी का ही उपयोग करना चाहिए ताकि शीतजन्य रोग न हो। शीतजन्म रोगों से बचने के लिए इस मौसम में शीतला माता की पूजा का भी विधान है।
3. इस महीने में दिन में हल्के कपड़े पहनना चाहिए और को मौसम के अनुकूल ताकि ऋतु परिवर्तन की वजह से किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
4. इस मौसम में रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्यदेव को जल चढ़ाना चाहिए। इस समय सूर्यदेव आमतौर पर मकर और कुंभ राशि में होते हैं। ये दोनों ही शनि की राशि है। इस महीने में सूर्यदेव को जल चढ़ाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

कौन-से प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं फाल्गुन मास में? (Festival inFalgun month 2023)
फाल्गुन मास में वैसे तो कई त्योहार मनाए जाते हैं, लेकिन इनमें से दो प्रमुख हैं। पहला त्योहार है महाशिवरात्रि जो फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी पर मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान शिव निराकार यानी ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए थे। दूसरा त्योहार है होलिका दहन। ये पर्व फाल्गुन मास के अंतिम दिन पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन बुराई का प्रतीक होलिका का दहन किया जाता है।

फाल्गुन मास में किस देवी-देवता की पूजा करें ?
गीता में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि 'महीनों में मैं फाल्गुन हूं।' इसलिए इस महीने में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष रूप से की जाती है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इस महीने में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करने से संतान सुख मिलता है। राधा-कृष्ण रूप की पूजा करने से सुख और समृद्धि बढ़ती है। फाल्गुन मास में कृष्ण मंदिरों में फाग उत्सव भी मनाया जाता है। ये भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित है।
 

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