रेहटीसीहोर

सिपाही बाबा पर चढ़ाया फूलों का सहरा, अमन-चैन के लिए पढ़ी फातेया

सिपाही बाबा पर चढ़ाया फूलों का सहरा, अमन-चैन के लिए पढ़ी फातेया

रेहटी। सीहोर जिले के रेहटी में ख्वाजा अमीरूद्दीन चिश्ती (सिपाही बाबा) के जन्मदिन पर फूलों का सहारा चढ़ाया गया एवं भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान अमन-चैन के लिए फातेेया पढ़ी गईं। दरअसल प्रतिवर्ष 21 मार्च को ख्वाजा अमीरूद्दीन चिश्ती (सिपाही बाबा) का जन्मदिन मनाया जाता है। इस दौरान नगर केे निवासी नरेंद्र यादव एवं उनके परिवार द्वारा दरबारे हुसैन कोलार कॉलोनी से चादर, सहरा एवं फूलों का सेहरा पेश किया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या मेें लोग एकत्रित होकर भजन गातेे हुए सिपाही बाबा की दरगाह तक पहुंचते हैं औैर उन्हें चादर व फूलों का सेेहरा पेश करते हैैं। सिपाही बाबा की दरगाह पर इस उर्स का आयोजन 25 वर्षों से भी अधिक समय से हो रहा है। बताया जाता है कि नगर सहित प्रदेशभर के लोगों के लिए उनके जन्मदिन पर अमन-चैन की दुआएं मांगी जाती है। रेहटी स्थित सिपाही बाबा की दरगाह का वास्ता अजमेर की दरगाह से है। ये उन्हीं के परिवार से संबंधित है। हर वर्ष 21 मार्च कोे सिपाही बाबा के जन्मदिन पर रेहटी तहसील के अलावा दूर-दूर से लोग यहां आतेे हैैं औैर मन्नतें मांगतेे हैैं। लोग अपनी मन्नतें पूरी होने के बाद यहां पर दोबारा आतेे हैं। कहा जाता है कि सिपाही बाबा की दरगाह पर आकर लोग कई तरह की बाहरी बाधाओं सहित अन्य प्रकार की बीमारियोें से भी ठीक हुए हैं। यहां पर हर जाति-धर्म के लोग अपने मन की मुरादें लेकर आतेे हैैं। यह दरगाह लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Ko zjutraj odpremo hladilnik, hitro opazimo, da je za dober obrok pogosto dovolj že nekaj preprostih sestavin. Kako jih smiselno združiti, je vredno podrobneje raziskati. Večina pri mariniranju gob zgreši skrivnost Na videz sprijeta ajdova kaša Znanci pogosto svetujejo, da je za zdravo kosilo dovolj manj soli, a to ne deluje vedno. Bolj pomaga, da jed obogatimo s svežimi zelišči, stročnicami in sezonsko zelenjavo ter tako dobimo okus, ki nas res nasiti.