मध्य प्रदेश

नशा निषेध निवारण पर जिला स्तरीय संगोष्ठी सम्पन्न ,नशा शरीर ही नहीं समाज के लिए भी घातक – श्री नरवरिया

धार
नशा किसी भी रूप में हो यह शरीर और समाज के लिए बहुत घातक है। फिल्म व विज्ञापनों ने समाज में नशे को अघोषित समर्थन ही दिया है। नशे के दुष्परिणाम कमजोर शरीर, दुर्बल मानसिकता और अकर्मण्यता के रूप में समाज के सामने आ रहे हैं। हमें जागृत होना होगा। नशा करना भी है तो नशीले पदार्थों का नहीं शिक्षा, उपलब्धि, प्रेरणादाई बनने का करना चाहिए। ये उदगार महाराजा भोज स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग तथा भोज शोध संस्थान द्वारा आयोजित जिला स्तरीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने व्यक्त किए। संगोष्ठी में बोलते हुए धामनोद से पधारी महिला उद्यमी सीमा मिश्रा ने कहा कि हर व्यक्ति अपने निर्णय के अनुसार काम करता है ऐसे में यह नशा करता है कि उसी व्यक्ति की जिम्मेदारी है अतः नशे से बचना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।

बदनावर से पधारे मानवाधिकार कार्यकर्ता जय जयेश पुरोहित ने आंकड़े प्रदत्त करते हुए कहा कि नशे से हर वर्ष लाखों लोग अपना जीवन खोते हैं तथा आयु कम करते हैं। पाउच में उपयोगी सुपारी चमड़ा  शोधन की अपशिष्ट है। संगोष्ठी को आगे बढ़ाते हुए पूर्व सहायक संचालक शिक्षा धार श्री जयन्त जोशी  ने कहा कि नशे की सामाजिक स्वीकार्यता अप्रासंगिक होनी चाहिए तथा नशे से हमारा सामाजिक ताना-बाना वह सौहार्द टूट रहा है अतः  जागरूक सामाजिकता ही नशे से नई पीढ़ी को बचा सकती है। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भोज शोध संस्थान के निर्देशक डॉ दीपेंद्र शर्मा ने कहा कि नशे से समाज को बचाना हमारा सामाजिक सरोकार है। नशे के दुर्गुण हम सब जानते हैं पर मानते नहीं हैं और नशा करते हैं यह हमारा दुर्भाग्य तथा विसंगति है। मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में अतिरिक्त जिला पंचायत अधिकारी व उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग श्री एन एस नरवरिया ने कहा कि जीवन में नशा जरूरी है लेकिन यह नशा नशीले पदार्थों का नहीं हमारे जीवन में उपलब्धि, शिक्षा, ज्ञान तथा अपने आप को सिद्ध करने का होना चाहिए। विभाग अपना कार्य कर रहा है पर उद्देश्य प्राप्ति के लिए सामाजिक सहयोग बहुत ज़रूरी है। आयोजन की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ एस एस बघेल की कहा की युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति अच्छी नहीं है। सदन में उपस्थित युवा श्रोता हिमालय बुंदेला ने अपने विचार रखे।  सभी से नशे से दूर रहने की शपथ ली।

पोस्टर का विमोचन- नशे निषेध के नारों के स्टीकर पोस्टर का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।  
प्रचार रथ –  अतिथियों ने महाविद्यालय परिसर से जागरूकता प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

आयोजन में शिवानी सोनगरा, तनिष्क जाट, प्रथम परिहार, मनोज जांगड़े, जया चोपड़ा व भावेश वर्मा का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ निर्भय सिंह सोलंकी, अतिथि परिचय डॉ लक्ष्मी बघेल, आभार कविता के माध्यम से विवेकानन्द मार्गदर्शन प्रकोष्ठ संयोजक डॉ अरुणा मोटवानी ने किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकी मक्कड़ ने दी

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