विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 29 मामलों का हुआ निपटारा, 1.11 करोड़ से अधिक की समझौता राशि जमा

सीहोर। जिला मुख्यालय सहित जिले की सभी तहसील अदालतों में शनिवार को विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत में वर्षों से लंबित चेक बाउंस के मामलों का दोनों पक्षों की आपसी सुलह और सहमति से निपटारा किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि चैक बाउंस के पुराने और जटिल प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 09 विशेष खंडपीठों का गठन किया गया था। इन खंडपीठों में न्यायाधीशों और विधिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को बिठाकर समझाइश दी गई, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए।
46 में से 29 मामलों में हुआ समझौता, टूटी रंजिश
सचिव के अनुसार इस विशेष लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित कुल 46 महत्वपूर्ण प्रकरण सुनवाई हेतु सूचिबद्ध किए गए थे। इनमें से 29 मामलों में दोनों पक्षों के बीच चल रहा पुराना विवाद आपसी सहमति और भाईचारे के साथ हमेशा के लिए खत्म हो गया। अदालती मुकदमों के बोझ को कम करने वाली इस मुहिम के तहत कुल 01 करोड़ 11 लाख 56 हजार 821 रुपये की भारी-भरकम समझौता राशि मौके पर ही जमा कराई गई।
लोक अदालत से समय और पैसे दोनों की बचत
विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से होने वाले समझौतों से न केवल न्यायालयों में सालों से लंबित मुकदमों का बोझ कम होता है, बल्कि पक्षकारों के समय और धन की भी बड़ी बचत होती है। सबसे खास बात यह है कि आपसी सहमति से होने वाले इस फैसले के बाद दोनों पक्षों के बीच की कड़वाहट और रंजिश हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है और कोई भी पक्ष हारा हुआ महसूस नहीं करता।



