वन अमले ने 20 एकड़ वनभूमि से हटाया अतिक्रमण, बोई फसलें कीं नष्ट

सीहोर। वन विभाग ने भूमाफिया और अतिक्रमणकर्ताओं के खिलापफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आष्टा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत गोविंदपुरा-पीथापुरा बीट में वन विभाग की टीम ने सुबह से लेकर शाम तक चले एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 20 एकड़ से अधिक कीमती वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इस दौरान तीन जेसीबी मशीनों के माध्यम से वनभूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बोई गई फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
डीएफओ अर्चना पटेल के निर्देशानुसार और एसडीओ राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में रेंजर नवनीत झा ने आष्टा वन परिक्षेत्र में इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। बता दें इस साल आष्टा वन विभाग द्वारा अब तक 100 एकड़ से अधिक की वनभूमि अतिक्रमणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराई जा चुकी है।
हमले को देखते हुए अलर्ट थी टीम
कार्रवाई की योजना इतनी गुप्त और सख्त थी कि सुबह रेंजर नवनीत झा ने अपनी पूरी टीम को अचानक एकत्र किया। डिप्टी रेंजर, वनरक्षक, सुरक्षाकर्मी और वाहन चालकों सहित दो दर्जन से अधिक वाहनों में सवार होकर पूरी टीम सिद्धिकगंज पहुंची। वहां से टीम सीधे गोविंदपुरा-पीथापुरा बीट के जंगलों में दाखिल हुई। क्योंकि पूर्व में इसी क्षेत्र में वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों द्वारा जानलेवा हमला किया जा चुका था, इसलिए इस बार पूरा फोर्स हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारियों के साथ मुस्तैद था।
जेसीबी से खोदे गड्ढे
रेंजर नवनीत झा ने बताया कि वर्षा काल में अतिक्रमण के खिलाफ यह सख्त मुहिम लगातार जारी रहेगी। 20 एकड़ भूमि को कब्जे से छुड़ाने के बाद तीन जेसीबी मशीनों के माध्यम से मौके पर खाइयां खुदवाई गईं ताकि जमीन को दोबारा सुरक्षित किया जा सके। इन गड्ढों को खुदवाने का एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि बरसात का पानी इनमें इक_ा हो सके, जिससे क्षेत्र का भूमिगत जल स्तर बढ़ेगा और जंगल के वन्य प्राणियों को पीने के लिए आसानी से पानी उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा अतिक्रमण से मुक्त कराई गई शेष भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।
अतिक्रमण होने पर मिलेगी सख्त सजा
वन विभाग द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र के भूमाफियाओं और वन माफियाओं में हडक़ंप और दहशत का माहौल है। रेंजर झा ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का नया अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों पर सीधे कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।



