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उफनती कुलांस नदी के किनारे पेड़ पर लटकाए विद्युत अधिकारियों के पुतले

सीहोर। जिले में चरमराई बिजली व्यवस्था और विद्युत विभाग के अधिकारियों की कथित लापरवाही से आक्रोशित किसानों ने अनोखा प्रदर्शन किया है। छोटी कुलांस निवासी किसान नेता जीवन लाल वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के किसानों ने बारिश के दौरान उफनती कुलांस नदी के किनारे पेड़ों पर विद्युत मंडल के अधिकारियों के पुतले लटकाकर अपना विरोध जताया।
प्रदर्शन में कुंलास खुर्द, बिलकिसगंज, ढाबला, रामाखेड़ी, चंदेरी, बरखेड़ी, छोटी कुलांस, बड़ी कुलांस, भांडेली, बड़बेली, श्यामपुर, खमरिया और संग्रामपुर सहित आसपास के कई गांवों के किसान शामिल हुए। किसानों का कहना है कि गांवों में लंबे समय से बिजली के तार नीचे झूल रहे हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। कई बार शिकायत के बाद भी इन्हें दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा कुलांस खुर्द सहित कई गांवों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की सख्त जरूरत है, लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
ज्ञापन देकर थके किसान, नहीं हुआ समाधान
किसान नेता जीवन लाल वर्मा ने बताया कि बिजली समस्याओं को लेकर वे स्थानीय सीहोर कार्यालय से लेकर भोपाल स्थित एमडी कार्यालय, मुख्यमंत्री निवास, ऊर्जा मंत्री और प्रभारी मंत्री तक दर्जनों बार शिकायतें और ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही और समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
भोपाल तक संदेश पहुंचाने का अनोखा तरीका
किसानों ने पेड़ों पर लटकाए पुतलों के साथ एक विशेष बैनर भी लगाया है, जिसमें कुलांस नदी के माध्यम से अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की गुहार लगाई गई है। किसानों का कहना है कि कुलांस नदी आगे जाकर भोपाल के बड़े तालाब में मिलती है, जिसके किनारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का निवास स्थित है। किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से उफनती नदी से प्रार्थना की कि वह तेज बहाव में इन पुतलों को बहाकर भोपाल तालाब तक ले जाए, ताकि राज्य के मुख्यमंत्री तक उनकी पीड़ा और अधिकारियों की लापरवाही की खबर पहुंच सके।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
किसानों ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के अफसर उनकी समस्याओं को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। उन्होंने मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआए तो वे आगे भी इसी तरह के अनोखे तरीकों से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इस दौरान रमेश चंद्र वर्मा, प्रीतम, रामस्वरूप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और मातृशक्ति उपस्थित रही।

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