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अपनों ने ठुकराया तो वृद्धाश्रम को बनाया लिया ठिकाना, अब यहीं पर है सारी खुशियां

सुमित शर्मा, सीहोर।
जब अपना ही गैर हो जाए तो फिर करें, लेकिन कहते हैं कि जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होता है, ईश्वर होता है और यही ईश्वर व्यवस्था भी करता है। दरअसल सीहोर स्थित संकल्प वृद्धाश्रम में कई बुजुर्ग रहकर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। इन बुजुर्गों में से किसी को बेटे-बहू ने घर से निकाल दिया तो किसी का इस दुनिया में कोई भी नहीं है। कोई अकेलेपन के कारण वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर है तो कोई बहन के घर पर नहीं रहना चाहता।
संकल्प वृद्धाश्रम की शुरुआत वर्ष 2011 से हुई। तब से लेकर अब तक यहां पर सैकड़ों बुजुर्गों का लालन-पालन हुआ है तो वहीं अब भी कई बुजुर्ग यहां पर रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यहां रह रहे इंदौर निवासी लक्ष्मी प्रसाद अग्रवाल कहते हैं कि अब परिवार से तो कोई मोहमाया नहीं रही। जब परिवार मेरा नहीं हुआ तो फिर क्या है। अब तो वृद्धाश्रम ही मेरा परिवार है और यहां पर आकर मैं अपना जीवन बेहतर तरीके से जी रहा है। सीहोर निवासी कृष्णा बाई कहती हैं कि उनका इस दुनिया में कोई भी नहीं है। अब वे यहां पर रहकर अपना जीवन के बेहतरों पलों को जी रही है। सीहोर जिले के निवासी गोपीलाल अपनी व्यथा सुनाते हुए कहते हैं कि उनका एक ही बेटा है, लेकिन वह भी ऐसा निकला कि रख नहीं सका। गोपीलाल पिछले करीब तीन वर्षों से वृद्धाश्रम में रहकर जीवनयापन कर रहे हैं और अब वे इस वृद्धाश्रम को ही अपना परिवार मानते हैं। ऐसी ही स्थिति यहां रह रहे अन्य बुजुर्गों की भी है, जो वृद्धाश्रम में रहकर जीवनयापन कर रहे हैं। संकल्प वृद्धाश्रम के संचालक राहुल सिंह कहते हैं कि ये उनके पिछले जन्मों का फल है कि उन्हें बुजुर्गों की सेवा करने का मौका मिला है। वे इसके लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि ईश्वर ने उन्हें इस लायक बनाया, ताकि वे यह सब कर पा रहे हैं।
इधर कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने बुजुर्गों से लिया आशीर्वाद, किया सम्मानित-
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर जिलेभर के 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं को सम्मानित किया गया। कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने संकल्प वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम में 100 साल से अधिक के बुजुर्गों को सम्मानित किया एवं उनसे आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नि:स्वार्थ भाव से माता-पिता की सेवा करें। वे ही हमारे परिवार की शान होते हैं, ज्ञान का खजाना होते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस अवस्था में आना है, इसलिए हमारा कर्म ऐसा हो कि जब हम वृद्धावस्था में हो तो दूसरे बिना किसी स्वार्थ के हमारी सेवा के लिए आए। उन्होंने बताया कि यह सीहोर जिले के लिए बडेÞ सौभाग्य की बात है कि हमारे यहां 100 वर्ष से अधिक आयु के 325 वृद्धजन हैं, जिसमें आष्टा में 141, बुधनी में 25, इछावर में 113 तथा सीहोर में 46 वृद्धजन हैं। सभी शतायु नागरिकों को कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया गया और जो चलने फिरने में असहाय हैं, उनके घर पहुंचकर उनका सम्मान किया गया। इधर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अपर कलेक्टर गुंचा सनोबर एवं संयुक्त कलेक्टर वंदना राजपूत ने शतायु मतदाताओं का फूल माला पहनाकर तथा शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने किया वृद्धजनों का सम्मान
सीहोर में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर नगर पालिका परिसर में नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय भी मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री मालवीय ने कहा कि युवा पीढ़ी वृद्धजनों का सम्मान करे और उनके अनुभवों का लाभ ले। इस कार्यक्रम में पांच शतायु एवं 15 वृद्धजनों का सम्मान किया गया। नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर एवं भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मालवीय एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी योगेंद्र सिंह पटेल द्वारा सभी को पुष्प माला एवं शाल श्रीफल के साथ विशेष उपहार भेंट किए। इस अवसर पर अनेक पार्षदगण, कार्यपालन यंत्री रमेश वर्मा, स्वच्छता प्रभारी दीपक देवगदे, नोडल अधिकारी अमित यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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