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रेहटी के शासकीय महाविद्यालय में नहीं हो रहा शासन के निर्देशों का पालन, नहीं लगी अब तक बायोमैट्रिक मशीन

मनमानी का बना हुआ आलम, लापरवाही के कारण नहीं सुधर पा रही कॉलेज की व्यवस्थाएं

रेहटी। सीहोर जिले की रेहटी तहसील मुख्यालय पर तहसील का एकमात्र शासकीय महाविद्यालय में मनमानी का आलम यह है कि यहां पर शासन के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। शासन द्वारा 2 सितंबर 2022 को निर्देश देकर सभी महाविद्यालय प्रमुखों से कहा गया था कि वे महाविद्यालयों में प्रोफेसर एवं छात्रों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस के लिए बायोमैट्रिक मशीनें लगवाएं, लेकिन रेहटी स्थित शासकीय महाविद्यालय ने शासन के निर्देशों का भी अब तक पालन नहीं किया है। यही कारण है कि यहां की व्यवस्थाएं सुधर नहीं पा रही हैं।
रेहटी का शासकीय महाविद्यालय अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार चर्चाओं में है। यहां पर कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही लगातार सामने आ रही है। एक तरफ कॉलेज में समय से प्राचार्या सहित कॉलेज स्टॉफ को लेकर यहां के छात्र-छात्राओं में नाराजगी है तो वहीं अब यह भी सामने आया है कि कॉलेज प्रबंधन को शासन के निर्देशों की भी चिंता नहीं है। दरअसल महाविद्यालय में महाविद्यालय स्टॉफ सहित छात्रों की उपस्थिति के लिए शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि महाविद्यालयों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस शुरू कराई जानी है। इसके लिए सभी महाविद्यालय जनभागीदारी की राशि में से मशीनें खरीदकर लगाएं। रेहटी कॉलेज में अब तक बायोमैट्रिक अटेंडेंस शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि यहां पर लंबे समय से जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष का पद रिक्त पड़ा हुआ था, लेकिन इसके बाद भी पहले कई बार राशि जनभागीदारी के नाम पर निकाली गई।
500 विद्यार्थी पर लगेगी एक मशीन-
उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 500 छात्र-छात्राओं पर एक बायोमैट्रिक मशीन लगाई जाए। यदि 500 से ज्यादा छात्र-छात्राएं हैं तो दो मशीनें लगाई जाएं। रेहटी महाविद्यालय में 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं वर्तमान में अध्ययनरत हैं। यहां पर दो से अधिक मशीने लगाई जानी है, लेकिन अब तक एक भी मशीन नहीं लगाई गई है। इसके कारण यह भी पता नहीं चल पाता है कि कौन कब आ रहा है और कब जा रहा है। यहां बता दें कि कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की कई शिकायतें हैं कि कॉलेज में प्रिंसीपल सहित यहां का स्टॉफ समय से नहीं आता है। हमेशा लेटलतीफी से ही आता है और समय से पहले चला भी जाता है। समय से स्टॉफ के नहीं आने से यहां के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

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