सीहोर

अनुमति किसी को और सरकारी जमीन से अवैध उत्खनन कर रहा है कोई दूसरा

खनिज विभाग में शिकायत की तोे नहीं हुआ निराकरण, फिर की सीएम हेल्पलाइन में शिकायत

सीहोर। यूं तो सीहोेर जिला हमेशा चर्चाओं में रहता है। कभी यहां के कारनामों को लेकर तोे कभी अन्य कारणों सेे, लेकिन इस बार जिले की चर्चाएं अवैध उत्खनन को लेकर हो रही है। अवैध उत्खनन कोे लेकर खुद मुख्यमंत्री कई बार मंचों सेे अधिकारियोें कोे नसीहत दे चुके हैैं कि वेे प्रदेश में अवैैध उत्खनन कोे पूरी तरह रोेेकेें, लेकिन उनकेे खुद केे ग्रह जिले सीहोेर में ही जमकर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ऐसा ही मामला जिले के ग्राम गुड़भेला का भी सामनेे आया है, जहां पर उत्खनन के लिए अनुमति तोे किसी औैर कोे दी गई है, लेकिन उस जमीन सेे कोई दूसरा व्यक्ति ही अवैध तरीके से उत्खनन कर रहा है।
जानकारी के अनुसार सीहोर जिले के ग्राम गुड़भेला की शासकीय भूमि खसरा नंबर 357, 358 की करीब 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर खनिज पत्थर का उत्खनिपट्टा के लिए सैद्धांतिक सहमति विक्रम राठौेर पिता सुरेश राठौर बसोड़ मोहल्ला गंज सीहोेर कोे दी गई है। इस संबंध में विक्रम राठौर द्वारा 28 जनवरी 2021 को ऑनलाइन ई-खनिज पोर्टल पर आवेदन किया गया था। इस संबंध में दिनांक 25 फरवरी 2021 कोे प्रथम सूचना प्राप्त की गई थी। प्रथम सूचना प्रकाशित होने के बाद इसी सरकारी जमीन कोे लेने के लिए क्रांति टिमरई पत्नी प्रताप टिमरई निवासी यादव मोहल्ला कस्बा सीहोेर एवं सोना पत्नी रामबाबू निवासी ग्राम ढाबलामाता जिला सीहोर द्वारा भी आवेदन प्रस्तुत किया गया। हालांकि बाद में इन दोनों आवेदकों नेे अपना आवेदन वापस लेे लिया औैर खनिज विभाग सीहोेर द्वारा विक्रम राठौर कोे शासकीय भूमि खसरा नंबर 357, 358 रकबा 2 हजार हेक्टेयर की सैद्धांतिक सहमति के लिए पत्र लिखा गया। शासकीय भूमि खसरा नंबर 357, 358 का कुल रकबा करीब 35 हेक्टेयर से भी ज्यादा है। इसमें से 2 हजार हेक्टेयर भूमि केे लिए आवेदन किया गया था। इस आवेदन पर 10 वर्ष की लीज स्वीकृति के संबंध में प्रक्रिया की गई है, लेकिन इस जमीन पर मधुर विजयवर्गीय द्वारा अवैैध उत्खनन किया जा रहा है।
शिकायत की, लेकिन नहीं हुआ समाधान-
विक्रम राठौर को दी गई अनुमति वाली जमीन पर मधुर विजयवर्गीय द्वारा जमकर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इस संबंध मेें विक्रम राठौर द्वारा खनिज विभाग सीहोर को भी शिकायत की गई, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे आहत होकर विक्रम राठौर ने सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत की। शिकायत में कहा गया कि आवेदक को स्वीकृत जमीन नंबर 260 पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। अवैध उत्खनन कारोबारी ने रास्ता भी बंद कर रखा हैै।
सही पाई गई शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई-
जब इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की गई तोे इसके जांच के निर्देश दिए गए। शिकायत पर जांच केे लिए खनि निरीक्षक दिनांक 19 जनवरी 2022 को ग्राम गुड़भेला पहुंचेे, जहां पर खसरा नंबर 357, 358 पर एक जेसीबी मशीन व एक डंपर अवैध तरीके से उत्खनन करते हुए पाए गए। इन वाहनों कोे सीहोर स्थित कोतवाली पुलिस ने खड़ा करवा गया है औैर अवैैध उत्खनन करने वालों पर दो लाख पचास हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है।
चोरी उपर से सीनाजोरी-
सीहोर जिले में अवैध उत्खनन कारोबारियों के हौंसले इतनेे बुलंद हैं कि वे एक तोे चोरी कर रहे हैं, उपर से उनकी सीनाजोरी भी चल रही है। यहां भी कुछ ऐसा ही मामला है, क्योेंकि जो जमीन खनिज विभाग द्वारा विक्रम राठौर को 10 साल की लीज पर दी गई है, उसी जमीन पर मधुर विजयर्गीय द्वारा अवैध तरीके से मिट्टी एवं कोपरा खोदा जा रहा है।
इनका कहना है-
इस संबंध में शिकायत आई थी। इसके बाद जांच भी कराई गई हैै और इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक डंपर व पोकलेन मशीन भी जप्त करके कोतवाली थाने में खड़ी कराई गई है। जिले में अवैध उत्खनन नहीं होने देंगे। अवैध उत्खनन कोे लेकर हमारी कार्रवाई लगातार जारी है।
– राजेंद्र परमार, जिला खनिज अधिकारी, सीहोर

ग्राम गुड़भेला की शासकीय जमीन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा जमीन लीज पर देने की कार्रवाई की गई है एवं चल भी रही है। जमीन खनिज विभाग द्वारा 10 वर्ष की लीज पर दी जा रही है, लेकिन इस जमीन पर एक अन्य व्यक्ति मधुर विजयवर्गीय द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इसकी शिकायत भी की, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई है।
– विक्रम राठौर, आवेदक एवं शिकायतकर्ता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Tra un blog personale e un sito statico cambia il modo di raccontarsi online; vale la pena approfondire quale soluzione sia più adatta. Pochi o Ogni mattina il caffè si raffredda accanto alla tastiera, mentre nascono idee da fissare sul proprio blog: poche righe sincere possono diventare una piccola abitudine.