भगवान विष्णु करेंगे चार माह विश्राम शिव परिवार द्वारा किया जाएगा सृष्टि का संचालन: पंडित सुनील शर्मा

सीहोर। आषाढ़ मास शुक्लपक्ष शनिवार 25 जुलाई देवशयनी एकादशी से जगतपालक भगवान विष्णु चार माह तक पाताक लोक में शयन करेंगे, तदोउपरांत कार्तिक मास शुक्लपक्ष देव उठनी एकादशी शुक्रवार 20 नवंबर से शयनक्रिया से जागकर सृष्टि का संचालन करेंगे। देवशयनी एकादशी से जगतपालक भगवान विष्णु सृष्टि के संचालन का कार्यभार देवादिदेव महादेव को प्रदान करेंंगे। चतुर्मास की अवधी पूर्ण होने पर भगवान शंकर सृष्टि का संचालन जगत पालक भगवान विष्णु को पुन: प्रदान करेंगे।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार चतुुर्मास में शिव परिवार के उत्सव आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद व कांर्तिक मास में मनाए जाऐंगे। सर्व प्रथम भगवान शंकर जी का प्रिय श्रावण मास कृष्णपक्ष प्रतिपदा एकम दिन गुरुवार 30 जुलाई से प्रारंभ होगा तथा श्रावण मास के शुक्ल पक्ष पूर्णीमा शुक्रवार रक्षा बंधन 28 अगस्त को पूर्ण होगा। शिव भक्त श्रावण मास में शिवशक्ति की कृपा प्राप्ति के लिए रूद्धाभिषेक, पार्थिव शिवलिंग, कांवड़ यात्रा करते है, इस बार श्रावण मास पूरे तीस दिवस का रहेगा।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार भादप्रद मास में भक्तों के द्वारा शुक्लपक्ष चर्तुथी सोमवार 14 सितंबर को भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाएं स्थापना की जाएंगी। भक्तों के द्वारा भगवान गणेश का उत्सव मनाया जाएगा, गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी शुक्रवार 25 सितंबर को होगा। नवरात्रि पर्व इस बार दस दिवसीय होगा अश्विन मास में शुक्लपक्ष प्रतिपदा एकम रविवार 11 अक्टूबर को जगतजननी मां भगवती के नवरात्रि पर्व का शुभारंभ होगा। नवरात्र का समापन नवमी मंगलवार 20 अक्टुबर को होगा और 21 अक्टुबर को विजय दशमी पर्व मनाया जाएगा। चतुर्मास में प्रकाश उत्सव पर्व दिपावली कार्तिक मास में कृष्णपक्ष शुक्रवार 6 नवंबर को धनतेरस से प्रारंभ होगा और रविवार 8 नवंबर को दिपावली व बुधवार 11 नवंबर को भाईदूज के साथ दीपोत्सव पूर्ण होगा।



