
सीहोर। शहर के समीपस्थ ग्राम बडऩगर में मंदिर से जुड़ी जमीन पर फसल कटाई और कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। बडिय़ाखेड़ी स्थित प्रसिद्ध श्रीराम जानकी अधिकारी मंदिर के महंत हरिदास ने गांव के ही कुछ दबंगों पर फसल काटने से रोकने, अभद्रता करने और मारपीट पर आमादा होने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद महंत ने थाना कोतवाली में शिकायती आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
थाना कोतवाली में दिए आवेदन में 60 वर्षीय महंत हरिदास पिता गुरुगोपाल दास ने बताया कि ग्राम बडऩगर स्थित संबंधित कृषि भूमि पर पिछले कई वर्षों से श्रीराम जानकी अधिकारी मंदिर बडिय़ाखेड़ी का ही कब्जा चला आ रहा है। मंदिर प्रबंधन द्वारा हर सीजन में इस जमीन पर खेती और फसल की कटाई की जाती है। महंत का आरोप है कि पिछले करीब सात वर्षों से गांव के कुछ असामाजिक तत्व बेवजह इस जमीन पर फसल काटने में व्यवधान पैदा कर रहे हैं और जबरन कब्जे का प्रयास कर रहे हैं।
28 सितंबर को हार्वेस्टर लेकर पहुंचे थे महंत
घटनाक्रम के संबंध में महंत हरिदास ने बताया कि 28 सितंबर को वे तैयार फसल की कटाई कराने के लिए हार्वेस्टर मशीन लेकर बडऩगर स्थित खेत पर पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के अशोक परमार पिता पृथ्वी सिंह परमार, पप्पू परमार पिता किशोरीलाल, जितेंद्र परमार पिता कैलाश चंद्र परमार, राजाबाबू परमार पिता कैलाश चंद्र परमार सहित अन्य लोग अचानक खेत पर आ धमके और हार्वेस्टर चालक व महंत को फसल काटने से जबरन रोकने लगे।
गाली-गलौज और मारपीट पर आमादा हुए आरोपी
महंत का आरोप है कि जब उन्होंने फसल रोकने का विरोध किया और मंदिर के अधिकार की बात कही तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी मारपीट करने पर उतारू हो गए। मौके पर तनाव की स्थिति बनते देख महंत को काम रुकवाना पड़ा।
पुलिस से सख्त कार्रवाई की गुहार
घटना से आक्रोशित महंत हरिदास सीधे कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस को आपबीती सुनाई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और फसल कटाई में बाधा डालने व अभद्रता करने वाले संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।