दहशत में कटी बनेटा-बांद्राभान के ग्रामीणों की रात, कहीं आ न जाए बाघ… के खौफ से सो नहीं पाए लोग

सीहोर। बुधनी रेंज अंतर्गत शाहगंज क्षेत्र में बाघ की लगातार चहलकदमी ने आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। सोमवार-मंगलवार की पूरी रात बनेटा, बांद्राभान और रामनगर के ग्रामीण गहरे खौफ और दहशत के साये में गुजारने को मजबूर रहे। हर आहट पर ग्रामीणों को यही डर सताता रहा कि कहीं बाघ उनके आंगन या बस्ती में न घुस आए।
बता दें क्षेत्र में हडक़ंप उस वक्त मच गया जब बनेटा और डुंगरिया के बीच निर्माणाधीन नेशनल हाईवे पर बाघ खुलेआम टहलता हुआ दिखाई दिया। वहां से गुजर रहे एक कार सवार ने इस हैरान कर देने वाले नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। सोशल मीडिया पर हाईवे पर टहलते बाघ का वीडियो वायरल होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इसके अलावा रामनगर के पास से भी एक अन्य वीडियो सामने आया है, जिसमें ग्रामीण आवाजें लगाकर बाघ को खदेड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
मवेशी पर हमले की चर्चा
इलाके में चर्चा है कि बाघ ने हमला कर एक गाय को घायल कर दिया है, हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस खबर के बाद से पशुपालक बेहद सहमे हुए हैं और अपने मवेशियों को खुले में बांधने या छोडऩे से बच रहे हैं। वहीं खेतों में फसल की रखवाली और काम करने वाले किसानों के सामने भी सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। डर के मारे किसान खेतों की तरफ जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
वन विभाग ने गांवों में कराई मुनादी
बाघ की हाईवे और रिहायशी इलाकों के पास बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। डिप्टी रेंजर विजय सिंह भदौरिया ने बताया कि प्रभावित गांवों में मुनादी से सूचना करवा दी गई है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे जंगल की ओर बिल्कुल न जाएं। साथ ही अपील की गई है कि बाघ दिखने पर उसके पास जाने या उसे उकसाने की भूल कतई न करें।
केवल मुनादी नहीं, गश्त भी बढ़ाए विभाग
दूसरी ओर खौफ के साये में जी रहे ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ मुनादी करा देने से खतरा कम नहीं हो जाता। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग की टीमों को इलाके में लगातार गश्त बढ़ानी चाहिए और बाघ की सटीक लोकेशन पर चौबीसों घंटे नजर रखनी चाहिए। फिलहाल विभाग यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया है कि क्षेत्र में केवल एक बाघ मौजूद है या एक से अधिक। बनेटा से लेकर रामनगर तक के पूरे इलाके में वन विभाग निगरानी का दावा कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों की रातें अभी भी खौफ के पहरे में ही कट रही हैं।

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